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सनातन सतपंथ की फेजपूर पीठ का विराट महोत्सव दिसंबर में

नये साल में पारिवारिक शांति, संस्कार वृद्धि और आर्थिक विकास के अभियान से जुड़ने की सतपंथाचार्य ज्ञानेश्वरदास की अपील

मुंबई। वैदिक विचारधारा पर आधारित सनातन सतपंथ स्वरूप दर्शन और कार्यों को देखने से बहुत सारी गलतफहमी दूर हुई है ऐसी भावना समाज की अग्रगामी हस्तियां और प्रसिद्ध संतो ने तीर्थधाम प्रेरणापिठ आयोजित त्रिविध महोत्सव में व्यक्त की और वर्तमान जगदगुरू प्रेरणा पीठाधीश्वर सतपंथाचार्य ज्ञानेश्वरदास जी महाराज ने थोड़े से समय में सतपंथ संप्रदाय में दिए हुए योगदान की तारीफ की गई थी ऐसा संस्था के ट्रस्टी श्री देवजीभाई पटेल ने मुंबई में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा।
मुंबई में सतपंथ समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा मुंबई और नई मुंबई में रहता है।
जगदगुरू प्रेरणा पीठाधीश्वर सतपंथाचार्य श्री ज्ञानेश्वरदास जी महाराज के सानिध्य में आयोजित तीन दिन के त्रिविध महोत्सव के संत संमेलन में अखाड़ा परिषद, हिंदु धर्म आचार्य सभा, संत समिति के अग्रणी संत तथा विभिन्न संप्रदायो के प्रसिद्ध संत तथा भानुपुरा पीठ के शंकराचार्य जी तथा समाज की प्रसिद्ध हस्तियां द्वारा सनातन सतपंथ समाज की प्रशंसा की गईं थी।
अहमदाबाद के पास तीर्थधाम प्रेरणा पीठ में ५४ कुंडी महा विष्णुयाग एवम जगदगुरू पद प्रतिष्ठा और आद्य जगद्गुरु श्री करसनदास महाराज परम ज्योति विलिन पर्व के साथ तीन दिन का ये त्रिविध महोत्सव इस सप्ताह में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था। सतपंथ रत्न और फेजपुर पीठ के गादीपति जनार्दन हरि जी महाराज ने संत सम्मेलन का संचालन किया था। जनार्दन जी महाराज ने २९ से ३१ दिसंबर के दौरान महाराष्ट्र में सतपंथ की फेजपूर पीठ में आयोजित विराट महोत्सव का आमंत्रण सबको दिया था। समग्र संतगण की व्यवस्था का नेतृत्व संत समिति के संयुक्त महामंत्री राधे राधे बाबा मनमोहनदासजी महाराज तथा जगन्नाथ धाम हरिद्वार के प्रसिद्ध महंत स्वामी अरुण दास जी महाराज ने संभाला था।
महोत्सव के आरंभ में विविध नदी, कुएं के जल की मंत्रोच्चार के साथ पुजा करके सर पे कलश के साथ १००८ बहेनोने तथा सतपंथ समाज ने जल बचाओ के संदेश के साथ सुंदर शोभायात्रा निकाली गई थी ऐसा संस्था के साहित्य प्रकाशन के संपादक शांतिभाई पटेल ने बताया।
प्रेरणापीठ के नजदीक एक ऐतिहासिक प्राचीन सरोवर को नया स्वरूप देने का संकल्प सतपंथाचार्य ज्ञानेश्वरदास जी महाराज ने शोभायात्रा में व्यक्त करते हुए कहा था की सनातन सतपंथ संस्था का व्यसन मुक्ति आंदोलन को अच्छा प्रतिभाव प्राप्त होने के बाद अब समाज की तीनों पेढ़ी के हितार्थ पारिवारिक शांति, संस्कार वृद्धि और आर्थिक विकास के लिए नए वर्ष से प्रारंभ हो रहे विभिन्न अभियान से जुड़ने की सबको अपील की थी और नए वर्ष में सब को शुभकामना प्रदान की है ऐसा संस्था के ट्रस्टी हर्षदभाई पटेल, देवजीभाई पटेल ने एक निवेदन में दर्शाया है।

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