ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज़ साहित्य

मार्कण्डेय त्रिपाठी की हास्य व्यंग्य रचना “बीमार होने का सुख”

हास्य व्यंग्य रचना

बीमार होने का सुख

क्या आपको मालूम मेरे भ्राता ,
बीमार होने में कितना सुख है ।
कभी न पूछें जो हाल सुख में ,
इसी बहाने दिखाते मुख हैं ।।

आते हैं घर में सखा हमारे ,
कैसी तबीयत सब पूछते हैं ।
फल,जूस भी लेकर साथ आते,
जी जितना चाहे,हम ठूसते हैं ।।

सहलाते हैं माथ मेरे पड़ोसी ,
बड़ा मज़ा आता है, मैं क्या बोलूं ।
जो राज दिल में छुपा है अब तक,
उसे भला मैं क्यों आज खोलूं ।।

मैं केन्द्र बिन्दू बन जाता हूं सच,
सभी चतुर्दिक तब घूमते हैं ।
दुआएं मिलती हैं तब सभी की,
बच्चे भी आ आकर चूमते हैं ।।

सगे संबंधी, रिश्तेदार सारे ,
इसी बहाने घर जूटते हैं ।
सेवा सभी करते हैं हमारी,
सभी मनाते,हम रूठते हैं ।।

धन्यवाद ईश्वर को तब देता मैं,
बीमार होने में सच मज़ा है ।
तुम इसे अन्यथा मत समझना ,
कभी न समझो, यह एक सज़ा है ।।

चाहे वह घर हो,चाहे हो आफिस,
कोई नहीं जो कुछ काम सौंपे ।
आराम से बिस्तर पर रहो तुम,
यह भय नहीं, पत्नी आज कोंपे ।।

जो चाहे खाओ, हाज़िर है सब कुछ,
तुम भी कभी इसको आजमाओ ।
करो कभी नाटक तुम भी ऐसा,
ऐसे ही सुखमय दिन तुम बिताओ ।।

मार्कण्डेय त्रिपाठी ।

 

 

संबंधित पोस्ट

महाभारत धारावाहिक के नंद बाबा ने ली अंतिम विदाई

Hindustanprahari

जुलाई 31 तक सरकारी कर्मचारियों के 15 प्रतिशत सामान्य तबादले किये जायेंगे : महाराष्ट्र सरकार

Hindustanprahari

आज बाॅलीवुड में अच्छी कहानियों की बहुत कमी है, मैं अच्छी कहानियों पर काम करना चाहता हूं: सूरज सूर्य मिश्रा

Hindustanprahari

एकल श्रीहरि का स्नेह सम्मेलन 13 नवंबर को, मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल आमंत्रित

Hindustanprahari

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे रविवार को सात बजे राज्य को संबोधित करने वाले हैं। मुंबई में फिलहाल लॉकडाउन की योजना नहीं, परीक्षण, मास्क पर रहेगा फोकस: बीएमसी

Hindustanprahari

मार्शल आर्ट प्रशिक्षक चीता यज्ञेश शेट्टी ने ब्रूसली की 81वीं जयंती मनाते हुए पर्यावरण की रक्षा के लिए संदेश दिया 

Hindustanprahari