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 ‘द कश्मीर फाइल्स’ के विशेष शो का आयोजन मातृभूमि सेवार्थ फाउंडेशन ने किया

मुम्बई। रविवार को सुबह 10 बजे एनजीओ मातृभूमि सेवार्थ फाउंडेशन द्वारा पीवीआर सिनेमा इनफिनिटी मॉल, अंधेरी पश्चिम में हालिया प्रदर्शित फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ का विशेष शो रखा गया। जहाँ साढ़े तीन सौ लोगों ने इस फिल्म को देखा जिसमें युवा लड़के लड़कियों सहित महिलाएं और बुजुर्ग की भीड़ जुटी। साथ ही साथ भाजपा कार्यकर्ता, आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) तथा बजरंग दल के कई कार्यकर्ता भी शो देखने पहुंचे। सिनेमाहॉल जय श्री राम के नारे से गूंज उठा। शो समाप्त होने के बाद मातृभूमि का महिमा गान भी गाया गया। चूंकि यह फिल्म कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार का स्मरण कराती है और बेघर हुए इन मासूमों के साथ हुए विभत्सता पूर्ण अन्याय को दर्शाती है जिससे दर्शकों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं और गला रुंध जाता है। कश्मीर में हुए नरसंहार को इस फिल्म में देखकर लोग द्रवित हो उठे।


शो देखने के लिए रमा सान्याल ने एक कश्मीरी मां गिरिजा गादुरु और उनके बेटे अंकुश को आमंत्रित किया था। माँ बेटे आपबीती को याद करके भावुक स्वर में कहा कि हमनें इस त्रासदी को झेला है। निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने साहसिक कारनामा कर दिखाया है। बॉलीवुड में इस दुर्दांत घटना को उजागर करने का साहस शायद ही कोई फिल्ममेकर उठा पाता। 370 हटने से हमें खुशी है और उम्मीद है कि एक न एक दिन हमारी घर वापसी होगी।
इस विशेष शो का आयोजन करने वाली मातृभूमि सेवार्थ फाउंडेशन की अध्यक्ष रमा सान्याल बार बार इस फिल्म को देखकर भावुक हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि यह मात्र एक फिल्म नहीं बल्कि सच्चाई है। दुनिया के हर सनातनी के अलावा अन्य धर्मों के लोगों को भी यह फिल्म देखना चाहिए और सच्चाई को स्वीकारना चाहिए। इस फिल्म को ऑस्कर अवार्ड मिलना चाहिए। अब जाकर मैं कश्मीरी पंडितों की पीड़ा को महसूस कर रही हूँ और मुझे अफसोस है कि उस समय मैं उनके लिए कुछ नहीं कर पायी। लेकिन अब हम सनातनी को जागृत एवं संगठित होकर साथ चलने की आवश्यकता है। साथ ही साथ आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी लेना चाहिए।
वहीं फिल्म देखने पहुंचे निर्माता रजनीश डीके जैन ने कहा कि मातृभूमि सेवार्थ की अध्यक्ष रमा सान्याल जी ने जिस बुलंद हौसले के साथ सभी हिंदुओं को एकत्रित कर फिल्म दिखाई वह प्रसंशनीय कार्य है। भारत देश में हिंदुत्व की रक्षा के साथ संरक्षण नितांत आवश्यकता है। मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि इस फिल्म से सभी जुड़ रहे हैं और अतीत में हुए अन्याय के विरुद्ध एक साथ खड़े हो रहे है। यह एक कालजयी फिल्म बन गई है और सफलता का नया अध्याय लिख रही है। विवेक अग्निहोत्री ने इस फिल्म के माध्यम से जागृति लायी है। ऐसे फिल्ममेकर को आगे आना चाहिए जो देश व धर्म की रक्षा में अपना कर्तव्य निभाएं।

– संतोष साहू

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