ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज़ साहित्य

मार्कण्डेय त्रिपाठी की पंक्ति “भारत का डंका”

भारत का डंका

विश्व में भारत का डंका ,नित बजा है और बजेगा ।
अपनी प्रतिभा के भरोसे, उच्च शिखरों पर सजेगा ।।

बन गए हैं प्रधानमंत्री, ब्रिटेन के ऋषि सुनक देखो ।
है चुनौतीपूर्ण पद यह,ऐसी प्रतिभाएं अनेकों ।।

विविध देशों में सहर्षित,कर रहा नेतृत्व भारत ।
विश्व को इस पर भरोसा, जो है कष्टों का निवारक ।।

आज संस्कृत और संस्कृति की छटा चहुंओर दिखती ।
धन्य होती लेखनी, जो दिव्यता पुरजोर लिखती ।।

पर नेताओं को सदा, राजनीति ही देती दिखाई ।
अल्पसंख्यक को बनाया, आज ध्वनि देती सुनाई ।।

लक्ष्मी, गणपति की भी, तस्वीर नोटों पर लगाओ ।
तब होगा समृद्ध भारत, सुर्खियों से वोट पाओ ।।

धन्य है नेतागिरी यह, धन्य नेता की कुटिलता ।प
सोच यह आती कहां से, प्रश्न में सचमुच जटिलता ।।

मिट गई संवेदना है, देखकर होती निराशा ।
फिर भी जीना है इसी में,सहते रहना मात्र झांसा ।।

मार्कण्डेय त्रिपाठी ।

 

संबंधित पोस्ट

अपग्रेड की 4 शहरों में विस्तार की योजना

Hindustanprahari

नेहरू सेंटर में अनिता राज के हाथों ‘कला स्पंदन आर्ट फेयर’ का उद्घाटन सम्पन्न

Hindustanprahari

शांतनु भामरे – एलेना टुटेजा अभिनीत रोमांटिक वीडियो एल्बम ‘तेरी आशिकी में’ 3 फरवरी को होगी रिलीज

Hindustanprahari

 सनशाइन म्यूजिक द्वारा रिलीज ‘देवा ओ देवा’ 2021 का लोकप्रिय गीत हुआ साबित

Hindustanprahari

2023 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार चार साल का डिग्री कोर्स लागू करना अनिवार्य, सरकार का आदेश

Hindustanprahari

हाकी के जादूगर मेजर ध्यान चंद के जन्मदिन पर पूर्वोत्तर रेलवे क्रीड़ा संघ (नरसा) के सौजन्य से सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम गोरखपुर में अनेक प्रतियोगिता का हुआ आयोजन।

Hindustanprahari