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हर साल की भाँति इस साल भी प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ने रक्षाबंधन कार्यक्रम का किया आयोजन।

राजुला, गुजरात : प्रजापिता ब्राह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राजुला, गुजरात शाखा ने हर साल की भाँति इस साल भी रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें प्रमुख रूप से अनु दीदी और सरोज दीदी ने अपनी उपस्थित दर्ज कराई।

रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार के महत्व के बारे में बताते हुए अनु दीदी ने कहा कि रक्षाबंधन का बहुत पुराना इतिहास है जहां एक हिंदू रानी मुसीबत में एक मुस्लिम राजा को रक्षा बांधती है, एक बहन अपने भाई को रक्षा बांधती है वही ब्राह्मण अपने यजमान को रक्षा बांधते है। जिसका अपना ही महत्व है।

गौरतलब है की अनु दीदी ने रक्षाबंधन के व्यापक महत्व को समझाते हुए, आयोजन में उपस्थित सारे भाईयो को राखी बांधी और बदले में किसी प्रकार का उपहार के बजाय, पहले से चिन्हित वर्तमान के दुर्गुणों में से कुछ दुर्गुणों को स्वेक्षा से छोड़ने के लिए संकल्प लेने को कहा। दूसरी तरफ उन संकल्पों को हमेशा याद रखने के लिए चिन्हित संकल्पों के पन्ने को हमेशा साथ रखने को कहा। जिससे संकल्प हमेशा याद आते रहे।

भारत संस्कृति प्रधान देश है जो अपने व्यापक संस्कृति और समृद्ध इतिहास के लिए जाना जाता है लेकिन आधुनिकता की प्रकाष्ठा ने संस्कृति पर बहुत गहरा प्रभाव छोड़ा है जिसमे लोग अपनी संस्कृति और संस्कार से दूर भागने लगे है। ऐसे में प्रजापिता ब्राह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा अयोजित इस सांकृतिक कार्यक्रम का आयोजन निश्चय ही सराहनीय है जो आधुनिकता के कारण दम तोड़ती संकृति के लिए किसी प्राणवायु से कम नहीं है।

संवाददाता, राजुला, जाफराबाद

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