ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज़ राज्य

विश्व रेडक्रॉस डे पर रक्तदाता पीएलभी ‘गुड सेमेरिटन’ डॉ0अमित कुमार ने किया स्वैच्छिक रक्तदान


(ब्यूरो चीफ भागलपुर बिहार : डॉ0अमित कुमार)
बिहार (8/5/2022) : विश्व रेडक्रॉस दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय थैलेसीमिया डे तथा अंतरराष्ट्रीय मदर्स डे पर बिहार के प्रसिद्ध जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल अवस्थित क्षेत्रीय ब्लड बैंक में इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी के तत्वाधान में पारा लीगल वॉलिंटियर (पीएलभी) रक्तदाता ‘गुड सेमेरिटन’ डॉ0 अमित कुमार ने किया स्वैच्छिक रक्तदान।
अद्यतन निरंतर 19 वीं रक्तदान इन्होंने अपने जीवन में निस्वार्थ निसंकोच निसंदेह निष्पक्ष राष्ट्र के प्रति समर्पित किया। यथा दुनिया का सर्वोत्तम समाज सेवा रक्तदान से बढ़कर और कुछ नहीं है। हालांकि इन्होंने अद्वितीय व असाधारण समाज सेवा का मिसाल पेश किया है। रक्तदान के साथ का इन्होंने मानव शरीर का सबसे अनमोल रत्न अपनी आंखें भी दान कर दी है। राष्ट्रहित में ऐसी परोपकारिता व समाज सेवा की मिशाल विरले ही पाए जाते हैं। निस्वार्थ निरंतर अधतन 22 वर्षों से प्रख्यात समाज सेवा,पत्रकारिता एवं शैक्षिक विकास तथा विधिक सेवा को लगे डॉ0 अमित आज भारत के रोल मॉडल बन कर उभरे है। यही कारण भी है कि इन्हें दुनिया का सर्वोच्च पुरस्कार नोबेल सिटीजन अवार्ड से संविधान भवन नई दिल्ली में सम्मानित किया गया था। आजीवन सदस्य भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी सह जिलाधिकारी अनुमोदित जिला शांति समिति एवं थाना नागरिक परिषद सदस्य व पीएलभी ‘गुड सेमेरिटन’ डॉ0अमित ने स्पष्ट कहा कि रक्तदान जीवन दान है। यही सच्ची मानवीय सेवा है। व राष्ट्रहित में सर्वोच्च असाधारण योगदान है। आईये प्रत्येक 3 माह पश्चात करे निस्वार्थ निसंकोच स्वैच्छिक रक्तदान बहुत अच्छा लगता है।

संबंधित पोस्ट

संगीत जगत के लोग नेल्सन मंडेला नोबल पीस अवार्ड एकेडमी द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित

Hindustanprahari

मार्कण्डेय त्रिपाठी की पंक्ति “आदर्श जीवन”

Hindustanprahari

उद्धव सरकार का ऐलान, महाराष्ट्र में आज से खुले धार्मिक स्थल

Hindustanprahari

केंद्रीय जलमार्ग मंत्री से रोजग़ार के विषय में मानवाधिकार न्याय जन सेवा ट्रस्ट , नई दिल्ली ने चर्चा ।

Hindustanprahari

हर साल की भाँति इस साल भी प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ने रक्षाबंधन कार्यक्रम का किया आयोजन।

Hindustanprahari

महाराष्ट्र में स्मारक खोलने को लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया: मंत्री

Hindustanprahari