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महाराष्ट्र के अमरावती में दो मंजिला इमारत गिरने से पांच की मौत, दो घायल

अमरावती : महाराष्ट्र के अमरावती (Amravati) में रविवार को दो मंजिला इमारत गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। अभी तक हादसे में मारे गए लोगों की पहचान नहीं हो पाई है।

प्रेट्र के मुताबिक, अमरावती में रविवार को एक जर्जर दो मंजिला इमारत गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना दोपहर करीब दो बजे की है। अमरावती पुलिस आयुक्त आरती सिंह ने कहा कि शहर के प्रभात चौक इलाके में स्थित इमारत ढह गई, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। इमारत ढहने के बाद मलबे में दबे लोगों के शवों को बचाव दल ने बाहर निकाला, लेकिन बचाव कार्य अभी भी जारी है।

जिला कलेक्टर पवनीत कौर ने कहा कि घटना की जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के एक अधिकारी ने कहा कि अमरावती नगर निगम (एएमसी) ने इस साल जुलाई में इस जर्जर इमारत को गिराने के लिए नोटिस जारी किया था।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना पर दुख व्यक्त किया। फडणवीस ने ट्वीट किया कि संभागीय आयुक्त को घटना की जांच करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रत्येक मृतकों के परिजनों को सीएम राहत कोष से पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। मुंबई में इससे पहले भी इस तरह के कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की मौत हो चुकी है।

इससे पहले जून, 2022 में मुंबई के कुर्ला स्थित नाइक नगर में देर रात चार मंजिला इमारत ढह गई। मलबे में दबने से 10 लोगों की मौत हो गई है। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री सुभाष देसाई ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने और घायलों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की है। बीएमसी के के आंकड़ों के अनुसार, मलबे में 20-25 लोगों के फंसे होने की संभावना के साथ सात लोगों को बचाया गया।

जुलाई, 2019 में दक्षिण मुंबई के डोंगरी इलाके में करीब 100 साल पुरानी चार मंजिला इमारत ढह गई। इस हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई थी। जेजे हास्पिटल के नजदीक डोंगरी के नाम से जाने जाने वाले इलाके में स्थित केसरबाई बिल्डिंग का आधा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के समय इमारत में करीब 15 परिवारों के 40 से अधिक लोग थे। दिन का समय होने के कारण ज्यादातर पुरुष काम पर निकल चुके थे।

2017 में भी इसी इलाके की पाकमोडिया स्ट्रीट पर एक चार मंजिला इमारत ढह जाने से 33 लोग मारे गए थे। इस इलाके में ज्यादातर इमारतें 70 से 100 साल पुरानी हैं। माना जा रहा है कि पिछले 10 दिनों से मुंबई में हो रही भारी बरसात के कारण हुए जलभराव व तेज हवाओं ने केसरबाई इमारत को कमजोर कर दिया था। इस इलाके की एक दर्जन से ज्यादा इमारतों को म्हाडा द्वारा जर्जर बताकर खाली करने की नोटिस दी जा चुकी है।

मुंबई महानगरपालिका से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 1996 से 2019 तक इस क्षेत्र में 17 इमारतें ढह चुकी हैं, जिनमें 267 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। सर्वाधिक 61 लोग इस क्षेत्र से कुछ ही दूर स्थित बाबू गेनू रोड की एक इमारत ढहने से मारे गए थे। यह हादसा सितंबर, 2013 में हुआ था।

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