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स्वास्थ के लिए लाभदायक होता है मिट्टी के पात्र में पका भोजन खाना

आधुनिकता की दौड़ में हम अलमुनियम और स्टील के बर्तनों से खाना पकाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक नहीं होता. लोहे और पीतल के पात्र में भी खाना पकाना ज्यादा हितकर नहीं होता. ऐसे पात्रों में खाना पकाने से भोजन का सही पोषक तत्व शरीर को नहीं मिलता, जो रोग का कारण बनते हैं. हमारे पूर्वज मिट्टी के पात्र में भोजन बनाते थे जिससे वे निरोगी रहते थे. कैंसर, डाइबटीज, नेत्रों की कमजोरी , ब्लडप्रेसर और कई भयावह बीमारीयां आज के समय की तुलना में उस काल में ना के बराबर थी. आज विदेशी भी मिट्टी के बर्तन में भोजन बनाने की विधि अपना रहे हैं.

मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने से खाने में आयरन, फास्फोरस, कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्रा खूब पाई जाती है, जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं.

पुराने समय में लोग मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाते थे. धीमी आंच पर धीरे धीरे पकने वाले इस खाने का स्वाद कमाल का होता था. हालांकि वक्त बदलने के साथ ही किचन में मिट्टी के बर्तनों की जगह स्टील के बर्तनों ने ले ली है. लेकिन आज हम आपको यहां मिट्टी के बर्तनों में बने खाने के फायदे बता रहे हैं, जिन्हें जानकर शायद आपको अपनी नासमझी पर पछतावा हो कि आपको अभी तक ये बातें क्यों नहीं पता थी!

मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने के फायदे
आयरन, कैल्शियम आदि मिलता है: मिट्टी एल्कलाइन नेचर की होती है. इससे मिट्टी के बने बर्तन में खाने का पीएच लेवल सही रहता है. इससे ना सिर्फ खाना स्वास्थ्यप्रद होता है बल्कि खाने का स्वाद भी बढ़ता है. मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने से खाने में आयरन, फास्फोरस, कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्रा भी खूब पाई जाती है, जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं.

खाने के पोषक तत्व रहते हैं सुरक्षित
मिट्टी के बर्तनों में होने वाले छोटे छोटे छिद्र आग और नमी को बराबर सर्कुलेट करते हैं. इससे खाने के पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं. यही वजह है कि मिट्टी के बर्तन में बने खाने में पोषक तत्व अन्य बर्तनों में बने खाने की तुलना में ज्यादा पाए जाते हैं.

दिल के लिए भी फायदेमंद
दरअसल मिट्टी के बने बर्तनों में तेल कम इस्तेमाल होता है. इसकी वजह ये है कि मिट्टी के बर्तनों में खाना बनने की प्रक्रिया धीमी होती है और यह ज्यादा लंबी चलती है. इसलिए खाने में नैचुरल तेल और प्राकृतिक नमी होती है. जिसके चलते खाने में ज्यादा तेल इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं होती. चूंकि ज्यादा तेल इस्तेमाल नहीं होता तो इसका सीधा मतलब है कि हमारे दिल के लिए भी यह अच्छा है.

खाना बनता है स्वादिष्ट
इस बात से शायद ही कोई इंकार करे कि मिट्टी के बने बर्तनों में खाना स्वादिष्ट बनता है.  खाने की सुगंध अच्छी होती है. साथ ही मिट्टी के बर्तन जेब के लिए भी किफायती होते हैं. सबसे बड़ी बात यह प्रकृति के लिए भी फायदेमंद हैं. क्योंकि मिट्टी के बर्तन मिट्टी से बनते हैं और वापस मिट्टी में मिल जाते हैं. इसलिए मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाना हमारे साथ साथ प्रकृति के लिए भी बेहद फायदेमंद है.

कैसे करें मिट्टी के बर्तनों को इस्तेमाल?
सबसे पहले मिट्टी का बर्तन लाने के बाद उस पर पूरे पर खाद्य तेल जैसे सरसों का तेल, रिफाइंड आदि लगाकर बर्तन को तीन चौथाई पानी से भर दें और फिर धीमी आंच पर इसे ढककर रख दें. 2-3 घंटे पकने के बाद इसे उतार लें और ठंडा होने दें. इससे मिट्टी का बर्तन सख्त और मजबूत हो जाएगा. साथ ही इससे बर्तन में कोई लीक भी नहीं होगा और मिट्टी की गंध भी बर्तन से चली जाएगी.

बर्तन में खाना बनाने से पहले उसे पानी में डुबोकर 15-20 मिनट के लिए रख दें. उसके बाद सुखाकर उसमें खाना बनाएं उसका आनंद लें.

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