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स्वस्थ सुखी जीवन मिले, करते रहिए योग

 

मन एकाग्रचित रहे, कर लो थोड़ा ध्यान।
शांतचित्त जीवन लगे, हो इसका जब ज्ञान।।

स्वस्थ सुखी जीवन मिले, करते रहिए योग।
आलस को जड़ से भगा, काया बने निरोग।।

सहज भाव मन में रहे, करो नहीं तुम जोर।
ध्यान रहे प्रभु पर सदा, योग करो सब भोर।।

कब्ज दूर हो पेट की, पीकर गुनगुन नीर।
तब आसन पर बैठ के,करो योग तुम धीर।

शांत भाव मन में रहे, कर लो थोड़ा ध्यान।
योग दिवस पर दीजिए, सब को इसका ज्ञान।।

समय बड़ा विपरीत है, करे सभी अब योग।
बीमारी होगी नहीं, भगा दूर अब रोग।।

जीवन में है स्वास्थ्य के, एक अचुक ये मंत्र।
नित्य करो सब योग अब, नहीं और कुछ तंत्र।।

संगीता वर्मा
अवधपुरी भिलाई

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