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भयावह सूखे से सिसकती कैलिफोर्निया

 

प्रकृति से छेड़छाड़ मानव के लिए कभी हितकारी नहीं हो सकता। प्रकृतिक संसाधनों के अंधाधुन उपयोग का ही परिणाम है प्रकृति का रौद्र रूप। पर्यावरण को प्रदूषित करने के फलस्वरूप आज मानव बीमारियों से युक्त है। प्राकृतिक संसाधनों के दुरुपयोग का परिणाम ही है, कि कहीं गर्मी से ग्लेशियर टूट रहे, तो कहीं तूफान तबाही मचा रही है। कहीं बाढ़ तो कहीं सूखा। कहीं सांस लेने के लिए शुद्ध हवा नहीं तो कहीं प्यास बुझाने के लिए शुद्ध जल नहीं।


आज अमेरिका में भी प्रकृति की मार देखने को मिल रहा है। यहाँ सूखे के बीच अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया राज्य के दूसरे सबसे बड़े जलाशय लेक ओरोविल का जल स्तर ऐतिहासिक स्तर पर गिर गया है। हाल के कुछ वर्षों में क्लाइमेट चेंज ने पश्चिमी अमेरिका में पड़ने वाले सूखे की समस्या को और बढ़ा दिया है।


लेक ओरोविल कैलिफ़ोर्निया में दूसरे सबसे बड़े जलाशय के रूप में जाना जाता है, लेक ओरोविल से कैलिफ़ोर्निया राज्य जल परियोजना के भीतर पानी का भंडारण करता है , यह बाढ़ नियंत्रण करता है। लोग पर्यटन के लिए और मनोरंजन के लिए यहाँ आते हैं, यह मीठे पानी को प्रदान करने वाला है। यह झील डेल्टाई लवणता को नियंत्रित करने में सहायता करके मीठे पानी का स्त्रोत देता है। साथ ही मछली और वन्य जीवन का संरक्षण करता है।


वैज्ञानिकों ने कई बार चेतावनी दी है किन्तु मानव और सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। आज कैलिफोर्निया का सबसे बड़ा जलाशय लेक ओरोविल सूखने की कगार पर आ गया है। जो भविष्य की बड़ी चेतावनी है।

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