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डायबिटीज को बेहतर मैनेज करने के लिये मुट्ठी भर बादाम

मुंबई। हर साल 14 नवंबर को वर्ल्‍ड डायबिटीज डे मनाया जाता है, ताकि इस रोग पर जागरूकता बढ़ाई जा सके। भारत में इस रोग से 72 मिलियन से ज्‍यादा लोग पीड़ित हैं और यह हमारे देश के सबसे आम रोगों में से एक बनता जा रहा है।

इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन की सबसे हालिया 2019 रिपोर्ट के अनुसार, उस समय विश्‍व के 463 मिलियन से ज्‍यादा वयस्‍कों को डायबिटीज था और वर्ष 2045 तक यह संख्‍या बढ़कर 700 मिलियन होने की संभावना है। दो में से एक वयस्‍क को डायबिटीज है और उसे इसका पता भी नहीं है। और दूसरे 374 मिलियन लोगों में, 13 में से एक से ज्‍यादा वयस्‍कों को प्रीडायबिटीज है।

शोध बताता है कि जीवनशैली में बदलाव, जैसे शारीरिक गतिविधि बढ़ाना, ज्‍यादा वजन को कम करना और डाइट में महत्‍वपूर्ण बदलाव करना न केवल टाइप 2 डायबिटीज को मैनेज करने में सहायक होता है, बल्कि ज्‍यादा जोखिम वाले लोग इससे टाइप 2 डायबिटीज होने का जोखिम कम कर सकते हैं और उन्‍हें दवाओं से बेहतर लंबे समय के प्रभाव भी मिल सकते हैं[3]। दुनिया जागरूकता बढ़ाने के लिये एकजुट हो रही है और वर्ल्‍ड डायबिटीज डे 2021-23 का थीम है ‘एक्‍सेस टू डायबिटीज केयर’। इंसुलिन की खोज को 100 वर्ष बीत चुके है, फिर भी डायबिटीज के लाखों रोगियों की पहुँच इस रोग को मैनेज करने के लिये जरूरी देखभाल तक नहीं है। चूंकि यह जीवनशैली से जुड़ा रोग है, इसलिये इसके रोगी को लगातार देखभाल और सहयोग चाहिये होता है, ताकि वे इसे मैनेज कर सकें और भविष्‍य की परेशानियों से बच सकें।

दशकों तक मिला प्रमाण टाइप 2 डायबिटीज या प्री-डायबिटीज वालों के लिये फायदेमंद डाइटरी पैटर्न के हिस्‍से के तौर पर बादाम और अन्‍य ट्री नट्स की भूमिका का समर्थन करता है। डाइटरी और लाइफस्‍टाइल की मध्‍यस्‍थताएं डायबिटीज के इलाज का महत्‍वपूर्ण भाग हैं और एक लो ग्‍लाइसेमिक इंडेक्‍स फूड के तौर पर पोषक-तत्‍वों का शक्तिशाली पैकेज प्रदान करने वाले बादाम का न्‍यू‍ट्रीयेंट प्रोफाइल उन्‍हें प्री-डायबिटीज या टाइप 2 डायबिटीज के रोगियों के लिये एक स्‍मार्ट स्‍नैक बनाता है। इसका कारण बादाम में प्‍लांट प्रोटीन, डाइटरी फाइबर, गुड फैट और महत्‍वपूर्ण विटामिंस और मिनरल्‍स, जैसे विटामिन ‘ई’, मैग्‍नीशियम और पोटेशियम होना है।

बॉलीवुड की चर्चित अदाकारा सोहा अली खान ने कहा कि कई युवा और बुजुर्ग भारतीय टाइप 2 डायबिटीज से पीडि़त हैं और यह संख्‍या लगातार बढ़ रही है, इसलिये भारत को विश्‍व में डायबिटीज की राजधानी कहा जाता है। हम सभी जानते हैं कि हमारे लाइफस्‍टाइल चॉइसेस हमारे लिये इस बीमारी का जोखिम बढ़ाते हैं, लेकिन फिर भी हम खुद को बचाने के लिये जान-बूझकर पर्याप्‍त काम नहीं करते हैं। हम डायबिटीज पर जागरूकता बढ़ाने के लिये मिलकर काम कर रहे हैं, तो मेरे हिसाब से पहला कदम है परिवार और खुद की डाइट को बदलना। अपनी डाइट में ज्‍यादा हरी-पत्‍तेदार सब्जियाँ शामिल करें, प्रोसेस्‍ड शुगर का सेवन कम या बंद करें और एक मुट्ठी बादाम जैसे हेल्‍दी नट्स जरूर खाएं। बादाम ने दिखाया है कि वे जिन कार्बोहाइड्रेट फूड्स के साथ खाए जाते हैं, उनका ब्‍लड शुगर पर प्रभाव कम करने में सहायता करते हैं, जिससे फास्टिंग इंसुलिन के लेवल प्रभावित होते हैं।

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