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“झूठ बोल रहे हैं समीर वानखेड़े” : मौलाना मुजम्मिल अहमद

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने जब से ड्रग्स केस में शाहरुख खान के पुत्र आर्यन खान को गिरफ़्तार किया है, तब से उनकी उलझने बढ़ती जा रही है। उनसे जुड़े नए नए मुद्दे रोज सामने आ रहे हैं। सच्चाई की यथार्थता अभी ज्ञात नहीं हुई है,वहीं एक नया मुद्दा पुनः उनके गले की फांस बन गयी है। अब समीर वानखेड़े को धर्मगत मुद्दे पर दोषी ठहराया जा रहा है।

काजी साहब का कहना है कि समीर हिन्दू नहीं मुसलमान है। उनका दावा है कि उन्होंने स्वयं उनका निकाहनामा पढ़ा था।
समीर वानखेड़े का निकाह कराने वाले मौलाना मुजम्मिल अहमद ने कहा कि मैं ही निकाह पढ़ाने गया था, अगर वह हिंदू होते तो ये निकाह ही नहीं होता। ये निकाह खुशी के साथ हुआ था और उस वक्त सभी लोग मुस्लिम थे। काजी ने दावा किया कि समीर वानखेड़े झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने निकाह करने के बाद हास्ताक्षर भी किए थे। निकाह के रजिस्ट्रेशन फार्म पर गवाहों के नाम भी लिखे गए थे।

दरअसल आज नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े को लेकर नए ट्वीट किए हैं। नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े की पहली शादी का निकाहनामा पेश किया है। मलिक ने दावा किया है कि ‘निकाहनामे’ में समीर का नाम ‘समीर दाऊद वानखेडे’ लिखा है। नवाब मलिक ने दावा किया है कि साल 2006 में 7 दिसंबर, गुरुवार को रात 8 बजे समीर दाऊद वानखेड़े और शबाना कुरैशी के बीच निकाह हुआ था। यह निकाह मुंबई के अंधेरी (वेस्ट) के लोखंडवाला कॉम्पलेक्स में हुआ था। अगर यह दावा सच हुआ तो समीर वानखेड़े काफी मुश्किलों में पड़ सकते हैं।

एनसीपी नेता नवाब मलिक के बाद अब समीर वानखेड़े का निकाह कराने वाले काज़ी का कहना है कि निकाह के वक्त मुसलमान थे।

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