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जन्माष्टमी के उपलक्ष्य पर अग्निशिखा मंच का रंगारंग कार्यक्रम सम्पन्न

– संतोष साहू

मुम्बई। अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच एक समाजिक व साहित्यक संस्था है जो विगत पच्चीस वर्षों से सामाजिक व साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन करती है।
लॉकडाऊन होने के बाद मंच ने ऑनलाइन कवि सम्मेलन करना शुरु किया। उसी कड़ी में मंच का यह एक सौ ग्यारहवां कवि सम्मेलन बहुत ही शानदार रहा।


मंच की अध्यक्ष अलका पाण्डेय ने बताया कि कृष्ण जन्मोत्सव के इस कार्यक्रम में महिलाओं ने बहुत ही सुदंर भजन व गीत प्रस्तुत किये। कार्यक्रम के समारोह अध्यक्ष राम रॉय, मुख्य अतिथि अभिलाष शुक्ला, विशेष अतिथि संतोष साहू, शिव पूजन पाण्डेय, आशा जाकड, पी एल शर्मा, जनार्दन सिंह, आरती आनंद ने मंच को गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रम का संचालन डॉ अलका पाण्डेय, सुरेन्द्र हरड़े, शोभारानी तिवारी ने किया।
सरस्वती वंदना कर कार्यक्रम की शुरुआत अलका पाण्डेय ने की तथा अतिथियों के लिये स्वागत गीत गाया
शोभारानी तिवारी ने एवं आभार प्रदर्शन किया वैष्णों खत्री ने।
क़रीब पाँच घंटे चले इस कार्यक्रम में 63 कवि, कवियत्री ने कृष्ण प्रेम का अदभूत छठा बिखेरी। कवि सम्मेलन के बाद जुलाई माह के नियमित लेखन करने वाले रचनाकारों को सम्मान पत्र देकर उनका सम्मान किया गया।
प्रस्तुत है कुछ कवियों की झलक
कान्हा प्यारे …

हे कृष्ण गोविंद हरे मुरारी
बाल मुकुंद कृष्णा प्यारे भजते हरे मुरारी
“मन मंदिर मे बैठाकर तेरी
आरती गाऊँ, भजनों में
नित भाव की गंगा बहा दूँ।
ओ साँवरिया,
कुछ और देने को नही है कृष्णा माखन खिवैया
साँवरिया, बस भावों का भोग लगा दूँ मेरे गिरधर नागर
तेरी मोहनी सूरत को दिल में बसाया
साँवरिया, इस दिल मे समा लू ओ नागों के नथैया और जीवन को मैं, तेरे नाम के, फूलो से सजा दूँ
ओ साँवरिया वृंदावन के रास रचैया,
फूलों से तुझे सजाऊँ तेरा नाम ले रिझाऊँ गायों के चरैया
ओ साँवरिया प्यारी साँवली सूरतियां मोहन प्यारे यशोदा के नंदलाल
– डॉ अलका पाण्डेय

कान्हा जन्मोत्सव
कान्हा जन्म उत्सव की शुभ बधाई रे
नंद के द्वारे बाज रही शहनाई रे
नंद यशोदा के घर लल्ला पधारे
आओ सखी हिलमिल पलना झुलाएँ रे
– डॉक्टर अंजुल कंसल “कनुप्रिया”

जीवन के वृन्दावन में,
बहार बनकर आना,
राधा तो बन गई मैं,
तुम श्याम बनकर आना।
– श्रीमती शोभा रानी तिवारी इन्दौर

फूलों से सज रहे हैं
श्री वृन्दावन बिहारी
और साथ सज रही
वृषभान दुलारी
टेड़ा सा मुकुट शीश पर
रखा है किस अदा से
करूणा बरस रही है
करूणा भरी निगाह से
– वीना अचतानी

कृष्ण ने लिया मनुज अवतार
जन्म दिया माँ देवकी ने
पाने यशोदा मां का दुलार,
लिया कृष्ण ने मनुज अवतार।
मानवता की लाज बचाने
धरती पर बन आये करतार,
कृष्ण ने लिया मनुज अवतार।
– तारा “प्रीत”

हे कृष्ण, कब तुम आओगे,
धुन बाँसुरी की बजाओगे,
अपना जादू दिखाओगे,
हमें इस काल से बचाओगे
अब तो नैया मझधार पड़ी,
बिपदा बड़ी आन पड़ी,
हमारी जिंदगी तेरे सहारे खड़ी ,
आकर जल्दी बचा इस घड़ी।
तू ही हमारे जीवन का रखवाला,
तेरे संग ही हम है मतवाले।
– स्मिता धिरसरिया

भाए कन्हैयालाल अब कोई दियना बारो
काहे के गोबरन ऑगना लिपायो।
काहे के दीप जलाए।
भाए कन्हैयालाल अब कोई दियना बारो
– डॉक्टर रश्मि शुक्ला

भोर हुई उठ जाओ कन्हाई
मात यशोदा उठा रही
माखन मिसरी छाछ की हांडी
तुमको है बुला रही।
सखियाँ राह देखती तेरी
यमुना तीरे जाना है।
ग्वाल बाल के संग में कृष्णा
तुमको रास रचाना है।
– नीरजा ठाकुर

मैय्या जसोदा का है लल्ला रे,
सावला रूप सलोना रे,
नयन कजरारी, बाल घुंघराले रे,
सारे गोकुल में हो रहा,
हो हल्ला रे।
– डाॅ. आशालता नायडू

आए कन्हाई देवकी ने लल्ला जाई,
जो बनेंगे कन्हाई, द्वार पाट खुल जाई, पहरेदार सूई जाई, जब जन्मे कन्हाई,
जो बनेंगे कन्हाई।
– रानी अग्रवाल

दर्श दिखा जा कान्हा।
दिन रात सुमिरन करूँ,
अब दर्श दिखा जा कान्हा।
जन्मों काहै यह नाता,
अब दर्श दिखा जा कान्हा।
– वैष्णो खत्री वेदिका

इस ऑनलाइन कार्यक्रम के प्रतिभागी कवि रामराम, अभिलाष शुक्ल, आशा जाकड, नरेन्द्र दुबे, जनार्दन सिंह, पन्ना लाल शर्मा, नीरजा ठाकुर, चंदा डांगी, वैष्णो खत्री, ब्रजकिशोरी त्रिपाठी, डॉ अंजूल कंसल, हेमा जैन, शोभारानी तिवारी, सुरेन्द्र हरड़ें, सरोज लोडाया, रानी अग्रवाल, रजनी अग्रवाल, स्नेहलता पाण्डेय “स्नेह, डा. महताब अहमद आज़ाद, प्रा. रविशंकर कोलते, वीना अचतानी, वीना आडवानी तन्वी, प्रतिभा द्विवेदी “मुस्कान”, स्मिता धिरासरिया, मीना गोपाल त्रिपाठी, सुषमा शुक्ला, वंदना शर्मा, विजेंद्र मोहन, पदमा तिवारी, रामेश्वर प्रसाद गुप्ता, कुमकुम वेद सेन, लीला कृपलानी, तारा प्रजापति, ओमप्रकाश पाण्डेय, अनिता झा, पुष्पा गुप्ता, डॉ बैजेन्द्र नारायण द्विवेदी, चंद्रिका व्यास, पूनम शर्मा, चंद्रा कुमारी स्वर्णकार, रानी नांरग, डॉ कुँवर वीर सिंह मार्तण्ड, पद्माक्षी शुक्ल, निहारिका झा, अंजली तिवारी, रागनी मित्तल, सरोज दुग्ध, मीना कुमारी परिहार, गायत्री खंडाटे, अंशु तिवारी, सुनीता अग्रवाल, डाॅ. सरोजा मेटी, आशा नायडू, अनिता शरद झा, अंकिता सिन्हा, नीरजा साहू, नीलम पांडे, आरती आनंद, अश्विन पाण्डेय और अलका पाण्डेय रहे।

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