ब्रेकिंग न्यूज़
राज्य

घोटाले का आरोप लगा रामलला की जमीन पर

 

उत्तर प्रदेश: अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य जारी है. राम मंदिर की जमीन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. आरोप है कि जमीन खरीद में करोड़ों का घोटाला हुआ है. जिसे लेकर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के नेता चंपत राय सफाई भी दी है. अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय ने इस मुद्दे को राजनीति से प्रेरित बताया.

बहुत जल्द ही यूपी में चुनाव होने वाले हैं जिसकी जमकर तैयारियां बीजेपी के नेता और कार्यकर्ताओं ने शुरू कर दी है. हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी दिल्ली आये थे. जहाँ उन्होंने बीजेपी के सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ मुलाकात की और ड़ेढ घंटे तक प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी बैठक हुयी .

बीजेपी की राजनीति गतिविधियां तेज होते ही, इधर सपा और आप नेताओं ने जमीन खरीदने में घोटाले का आरोप लगाया.

राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर राम मंदिर (Ram Mandir Ayodhya) के लिए जमीन खरीदने में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगा है. ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने कहा कि वह इन आरोपों की चिंता नहीं करते हैं.

सपा और आप नेताओं ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर आरोप लगाया है की राम मंदिर की जमीन खरीदने में घोटाला हुआ है, चंद मिनटों में जमीन के दाम बढ़ गए.  2 करोड़ की जमीन 18.5 करोड़ रुपये में बिकी.

पार्टी (SP) ने अयोध्या में और आम आदमी पार्टी (AAP) ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि ट्रस्ट के सचिव चंपत राय (Champat Rai) ने, जो जमीन कुछ समय पहले सिर्फ दो करोड़ रुपये में बिकी थी, उसी जमीन को कुछ वक्त बाद 18.5 करोड़ रुपये में खरीद कर बड़ा घपला किया है. चंपत राय ने इस बारे में मीडिया से कहा कि हम इन आरोपों की कोई चिंता नहीं करते. हम पर महात्मा गांधी की हत्या का भी आरोप लगा था.

जिन भगवान राम के नाम पर आदर्श राज्य व्यवस्था को राम राज्य का नाम दिया, उसी भगवान का मंदिर बनाने में घोटालों के आरोप हैं. समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने अयोध्या में मीडिया के सामने रजिस्ट्री के दस्तावेज पेश कर आरोप लगाया कि रामजन्मभूमि की जमीन से लगी एक जमीन पुजारी हरीश पाठक और उनकी पत्नी ने 18 मार्च की शाम सुल्तान अंसारी और रवि मोहन को दो करोड़ में बेची थी. वही जमीन सिर्फ चंद मिनट बाद चंपत राय ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट की तरफ से 18.5 करोड़ रुपये में खरीद ली.

राम मंदिर के लिए ट्रस्ट ने खरीदी 7,285 वर्ग फुट जमीन, अब 70 नहीं 107 एकड़ में फैला होगा मंदिर

अखिलेश यादव सरकार में मंत्री रहे पवन पांडेय ने कहा, ‘मैं भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहा हूं. ऐसी कौन सी वजह थी. उस जमीन ने 10 मिनट के अंदर कौन सा सोना उगल दिया कि जिस जमीन का बैनामा दो करोड़ में हुआ था, 10 मिनट बाद वह जमीन 18.5 करोड़ रुपये की हो गई.’

यही आरोप उसी वक्त आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लगाए. उन्होंने कहा कि 5 मिनट में जमीन 16.5 करोड़ रुपये महंगी हो गई, जो विश्व रिकॉर्ड है. संजय सिंह ने कहा, ‘रविमोहन तिवारी और सुल्तान अंसारी से 18.5 करोड़ में खरीदी दो करोड़ की जमीन. लगभग 5.5 लाख रुपये प्रति सेकेंड जमीन का दाम बढ़ गया. हिंदुस्तान क्या दुनिया में कहीं कोई जमीन एक सेकेंड में इतनी महंगी नहीं हुई होगी.’

इस खरीद में ट्रस्ट पर घोटाले का आरोप इसलिए भी है कि जो जमीन रविमोहन और एक मुस्लिम शख्स सुल्तान अंसारी ने खरीदी, उसकी रजिस्ट्री में ट्रस्ट के ट्रस्टी अनिल मिश्रा और संघ से ताल्लुक रखने वाले अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय गवाह हैं और यही दोनों लोग चंद मिनट बाद 16.5 करोड़ रुपये महंगी खरीदी गई रामजन्मभूमि ट्रस्ट की डील में भी गवाह हैं.

संबंधित पोस्ट

महाराष्ट्र में मिले 5011 कोरोना के नए संक्रमित मरीज

Hindustanprahari

बीजेपी का चार राज्यों में प्रचंड जीत का जश्न डोंबिवली में भी मना

Hindustanprahari

महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी व अग्निशिखा मंच का हिंदी दिवस कार्यक्रम संपन्न

Hindustanprahari

एक अगस्त से होने जा रहे हैं ये बदलाव, खत्म हो रही है इन कार्यों की समयसीमा, आपके लिए जानना जरूरी

पुणे और कानपुर सेंट्रल के बीच 18 साप्ताहिक स्पेशल ट्रेनें

Hindustanprahari

श्री जेनेरिक मेडिकल का हुआ उद्धघाटन डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे (सांसद कल्याण लोकसभा) के हाथों।

Hindustanprahari