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कुंदरू की सब्जी खाने के जबरदस्त लाभ

 

इसमें कोई शक नहीं कि सभी स्वस्थ रहना चाहते हैं। इसके लिए सप्लीमेंट्स और दवाओं पर रुपये खर्च करने से बेहतर है कि आप पोषक तत्वों से युक्त भोजन करें और संतुलित जीवनशैली का पालन करें। जब हम पौष्टिक आहार की बात करते हैं, तो सबसे पहले फलों व सब्जियों का नाम लिया जाता है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए इससे अच्छा और कुछ हो भी नहीं सकता। पौष्टिक फलों व सब्जियों की लिस्ट बहुत लंबी है, लेकिन इस आर्टिकल में हम सिर्फ कुंदरू की बात करेंगे। आपको बता दें कि हरे रंग की यह छोटी-सी सब्जी गुणों के मामले में अन्य सब्जियों से बिल्कुल कम नहीं है।

हरी सब्जियां और मौसमी फल सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। कुंदरू एक मौसमी हरी सब्जी है। कुंदरू में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को कई समस्याओं से दूर रखने में मदद कर सकते हैं।

कुंदरू को स्वाद और सेहत के लिहाज से काफी फायदेमंद माना जाता है। कुंदरू में फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है।
हरी सब्जियां और मौसमी फल सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। लेकिन बहुत से लोग हरी सब्जियों को खाना पसंद नहीं करते हैं। लेकिन कुछ ऐसी सब्जियां भी हैं जिन्हें बड़े चाव से लोग खाना पसंद करते हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही सब्जी के बारे में बता रहें हैं, जिसे स्वाद और सेहत के लिहाज से काफी फायदेमंद माना जाता है। कुंदरू ऐसी ही एक मौसमी हरी सब्जी है। इसका वैज्ञानिक नाम कोकिनिया कॉर्डिफोलिया है। कुंदरू बेल पर लगते हैं, इसके फूल का रंग सफेद होता है। शुरुआत में इसकी खेती एशिया और अफ्रीका के कुछ देशों में होती थी, लेकिन समय के साथ-साथ यह सब्जी पूरे विश्व में फैल गई। कुंदरू में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को कई समस्याओं से दूर रखने में मदद कर सकते हैं।  कुंदरू विटामिन, मिनरल, कैल्शियम, फाइबर का भी अच्छा सोर्स माना जाता है। इतना ही नहीं इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल गुण भी पाए जाते हैं. तो चलिए आज हम आपको कुंदरू खाने के फायदों के बारे में बताते हैं।

“श्वसनकसनतृष्णायक्ष्मपित्ताश्रपित।ज्वरदवथुकफघ्नस्तन्यकृद् बिम्बमाहुः॥

वैद्यवतांशः (लोलिम्बराज)

भावार्थ- बिम्ब (कुन्दुरी) के फल के सेवन से श्वसन, खांसी, भूख, पित्त सम्बन्धी रोग, ज्वर आदि का नाश होता है। कुन्दरी कफघ्न (कफ को मारने वाला) है।

कुंदरू खाने के फायदेः

1. पाचन के लिए

कुंदरू की सब्जी का सेवन करने से पाचन क्रिया को बेहतर किया जा सकता है। इसके लिए इसमें पाए जाने वाले फाइबर की भूमिका अहम होती है । एक शोध में पाया गया है कि फाइबर भोजन को पचाकर मल को शरीर से बाहर निकालने का काम कर सकता है ।

2. कैंसर

कैंसर को सबसे घातक बीमारी माना गया है। इस रोग से पीड़ित मरीज के इलाज पर लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं। वहीं, कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं, जिनका सेवन करने से कैंसर को होने से रोका जा सकता है। इनमें से एक कुंदरू भी है। कुंदरू में एंटी-कैंसर गुण पाए जाते हैं, जो इस बीमारी को होने से रोकने में मदद कर सकते हैं ।

3. मधुमेह

मधुमेह के दौरान विशेषज्ञ कुछ सब्जियों व फलों का सेवन करने से मना करते हैं। ऐसे में कुंदरू का उपयोग मधुमेह के रोगियों के लिए लाभकारी हो सकता है। कुंदरू में एंटी हाइपरग्लाइसेमिक प्रभाव पाया जाता है, जो रक्त में शुगर के स्तर को संतुलन में रखने का काम कर सकता है, जिससे मधुमेह की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है ।

4. प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए

शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने पर कई तरह के रोग उत्पन्न होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में कुंदरू का सेवन कर शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए कुंदरू में मौजूद विटामिन-ए फायदेमंद हो सकता है। विटामिन-ए सकारात्मक रूप से इम्यून सिस्टम को प्रभावित करता है । इसलिए, कुंदरू के फायदे इम्यून सिस्टम को मजबूत कर सकते हैं।
मजबूत इम्यूनिटी शरीर को कई संक्रमण से बचाने में मददगार है। कुंदरू में मौजूद विटामिन्स इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद कर सकते हैं।

5. किडनी स्टोन

किडनी स्टोन को दूर करने के लिए कुंदरू का उपयोग किया जा सकता है। दरअसल, कुंदरू में कैल्शियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है। कैल्शियम पाचन तंत्र में स्टोन के बनने की सभी आशंकाओं को कम कर सकता है । ध्यान रहे कि आपको डॉक्टर ही बेहतर बता सकते हैं किडनी स्टोन होने पर प्रतिदिन कैल्शियम की कितनी मात्रा लेनी चाहिए।

6. हृदय के लिए

कुंदरू अनेक पौष्टिक गुणों से समृद्ध होता है, जो हृदय को स्वस्थ रखने का काम कर सकता है। कुंदरू में विभिन्न प्रकार के फ्लेवोनोइड्स पाए जाते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल और मुख्य रूप से कार्डियो प्रोटेक्टिव गतिविधि की तरह काम करते हैं। ये ह्रदय रोग का कारण बनने वाले फ्री-रेडिकल्स को जड़ खत्म करते हैं ।

7. संक्रमण

कुंदरू में मौजूद एंटी बैक्टीरियल और एंटी-माइक्रोबियल गुण शरीर को संक्रमण से बचाने में भी मददगार माने जाते हैं। संक्रमण के खतरे से बचने के लिए आप अपनी डाइट में कुंदरू को शामिल कर सकते हैं।
ज्यादातर बीमारियों के फैलने का मुख्य कारण संक्रमण होता है, लेकिन कुंदरू के सेवन से संक्रमण को रोका जा सकता है। इसके लिए कुंदरू के एंटी बैक्टीरियल और एंटी-माइक्रोबियल गुण लाभदायक हो सकते हैं ।

8. डिप्रेशन

डिप्रेशन के कारण कई लोग मानसिक संतुलन खो देते है। डिप्रेशन को दूर करने के लिए एंटीऑक्सीडेंट सहायक हो सकता है। विटामिन-ए और सी में एंटीऑक्सीडेंट पर्याप्त रूप से पाया जाता है । वहीं, कुंदरू को विटामिन ए और सी का अच्छा स्रोत माना गया है । इसलिए, कहा जा सकता है कि कुंदरू खाने के फायदे में डिप्रेशन को खत्म करना भी शामिल है।

9. नर्वस सिस्टम

एक शोध के अनुसार, एंटीऑक्सीडेंट नर्वस सिस्टम से जुड़े रोगों से निपटने का काम कर सकता है, जिससे नर्वस सिस्टम को सुरक्षित रखा जा सकता है । वहीं, एक अन्य अध्ययन के अनुसार कुंदरू में विटामिन-सी पाया जाता है, जो एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम कर सकता है । इसलिए, कुंदरू के फायदे नर्वस सिस्टम से जुड़ी समस्याओं में भी कारगर हैं।

10. वजन घटाने में फायदेमंद

वजन को घटाने के लिए कुंदरू का उपयोग किया जा सकता है। कुंदरू में फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो वजन को कम करने में सहायक हो सकता है । फाइबर भोजन को पचाने के साथ-साथ भूख को शांत रख सकता है । इसलिए, कुंदरू के फायदे वजन कम करे में नजर आ सकते हैं।

11. थकान

कई लोगों को किसी भी तरह का काम करने पर जल्दी थकान महसूस होने लगते है। थकान की समस्या से राहत पाने में आयरन सहायक हो सकता है । वहीं, कुंदरू में प्रचुर मात्रा में आयरन पाया जाता है, इसलिए ऐसा कहा जा सकता है कि कुंदरू थकान को दूर करने का काम कर सकता है ।

कुंदरू के पौष्टिक तत्व –

कुंदरू में मुख्य रूप से कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं, उसे समझने के लिए हम नीचे एक टेबल दे रहे हैं। इस टेबल में कुंदरू के पोषक तत्वों के साथ-साथ उनकी मात्रा के बारे में भी बताया गया है ।

कुंदरू में पोषक तत्व की मात्रा प्रतिमॉइस्चर93.5 %प्रोटीन1.2 gटोटल लिपिड (फैट)0.1 gमिनरल0.5 gफाइबर , टोटल  डाइटरी1.6 gकार्बोहाइड्रेट3.4 gऊर्जा17 kcalकैल्शियम ,Ca18 gmफास्फोरस ,P26 mgआयरन0.5 mgविटामिन ए33 ।Uराइबोफ्लेविन0.01 mgविटामिन सी5 mg

कुंदरू के पोषक तत्वों के बारे में जानने के बाद अब हम यह भी जान लेते हैं कि इसे उपयोग कैसे किया जा सकता है।

कुंदरू का उपयोग –

कैसे खाएं : इसे सब्जी बनाकर खाया जा सकता है।

कुंदरू की चटनी बनाकर उपयोग में लाया जा सकता है।

कुंदरू को कई सब्जियों के साथ मिलकर मिक्स वेज बनाई जा सकती है।

कुंदरू के वडा (Vada) भी बनाए जा सकते हैं।

कब खाएं :

इसे सब्जी या चटनी के तौर पर दोपहर या रात के खाने के साथ खा सकते हैं।

कितना खाएं :

एक समय में एक कटोरी कुंदरू की सब्जी खाई जा सकती है।

कुंदरू से होनेवाले  नुकसान –

जैसे कुंदरू खाने के फायदे हो सकते है, वैसे ही इससे नुकसान भी हो सकते हैं, जो निम्न प्रकार से हैं :

कुछ लोग नए खाद्य पदार्थों के सेवन को लेकर संवेदनशील होते हैं। ऐसे लोगों को कुंदरू का सेवन करने से उल्टी और मतली की समस्या हो सकती है। इस प्रकार के संवेदनशील लोग कुंदरू का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

पके हुए और कड़वे कुंदरू के उपयोग से शरीर को नुकसान हो सकता है।

अगर आप किसी तरह की दवाई लेते हैं, तो कुंदरू खाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

 

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