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ऑक्सिजन की कमी से 20 मौतें, जयपुर गोल्डन अस्पताल ने हाई कोर्ट में दिल्ली सरकार पर उठाए सवाल

नई दिल्ली : दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सिजन की कमी के मुद्दे पर शनिवार को हाई कोर्ट में केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच तीखी बहस हुई। जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली की बेंच की ओर से महाराजा अग्रसेन अस्पताल की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान जयपुर गोल्डन अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 20 मौतों का मामला भी उठा। अस्पताल ने इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार पर ही सवाल खड़े कर दिए।

‘दिल्ली सरकार के अफसरों से संपर्क नहीं हो पा रहा’
दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र और दिल्ली सरकार के साथ ही अस्पतालों के प्रतिनिधि भी सुनवाई के लिए मौजूद थे। कोर्ट में जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल ने 20 मौतों के लिए दिल्ली सरकार को घेरा। जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार के अधिकारियों से वे शुक्रवार शाम से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, पर वे संपर्क में नहीं आ रहे हैं। अस्पताल के प्रतिनिधि ने कहा कि ऑक्सिजन की कमी को लेकर जमीनी हकीकत पर बात किए जाने की जरूरत है।

गोल्डन हॉस्पिटल ने दिल्ली सरकार से पूछा सवाल
गोल्डन हॉस्पिटल के वकील सचिन गुप्ता ने दिल्ली सरकार के वकील से सवाल किया कि क्या आप अपने अधिकारियों से कह सकते हैं कि मरीजों की जिंदगी बचाएं। इस पर दिल्ली सरकार का पक्ष रह रहे वकील राहुल मेहरा ने कहा कि जब हमें पता होगा कि कहां ऑक्सिजन पैदा हो रही है और कितनी तो हम सप्लाई करवाने के मुद्दे पर काम करेंगे।

अस्पतालों ने कहा तुरंत ऑक्सिजन सप्लाई का निर्देश दे सरकार
दिल्ली हाई कोर्ट में दिल्ली के अग्रसेन, बत्रा और सरोज आदि अस्पतालों ने कोर्ट से कहा कि वह तुरंत ऑक्सीजन सप्लाई का निर्देश दे। हाई कोर्ट ने अस्पतालों से कहा कि हम ऐसा कोई निर्देश नहीं दे सकते और न देंगे। ऐसा नहीं है कि दिल्ली सरकार के पास ऑक्सिजन है और वह सप्लाई नहीं कर रही है। हम भी मामले की गंभीरता को समझा रहे हैं। इसीलिए रोज घंटे दे रहे हैं।

ऑक्सिजन की कमी से जयपुर गोल्डन में 20 मरीजों ने तोड़ा दम
कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि के बीच राष्ट्रीय राजधानी के कई अस्पताल शनिवार को भी ऑक्सिजन की कमी से जूझते नजर आए। ऑक्सीजन के संकट के बीच दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में 20 अत्यंत बीमार मरीजों की रात भर में मौत हो गई। अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉक्टर डीके बलूजा ने बताया, ‘भंडार कम होने की वजह से ऑक्सिजन का दबाब घट गया है।’

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