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अखिल भारतीय अग्निशखा मंच का ‘जश्न ए आज़ादी’ कार्यक्रम सम्पन्न

– संतोष साहू

मुम्बई : अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच ने पंद्रह अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ‘जश्न-ए-आज़ादी’ का ऑनलाइन कार्यक्रम कर एक कीर्तिमान स्थापित किया तथा 111 वाँ कार्यक्रम में देश के शहीदों को उनकी शहादत के लिये याद किया गया। इस “आज़ादी अमृत महोत्सव “ में 60 कवियों ने देशभक्ति गीत गाकर वतावरण को देशप्रेम के रंग में रंग दिया तथा सभी ने तिरंगे को सलामी दी।
कार्यक्रम का संचालन मंच की अध्यक्ष अलका पाण्डेय, सुरेन्द्र हरड़ें, शोभा रानी तिवारी ने किया वहीं उद्घाटन राम राय के मुखारविंद से गणेश स्तुति से हुआ। समारोह अध्यक्ष का दायित्व संतोष साहू ने निभाई तथा मुख्य अतिथि भूमिका अभिलाष शुक्ला ने निभाते हुये अपने उद्बोधन में आज की विकट परिस्थितियों में कैसे स्वयं को संयम रख जीना बतलाया। कार्यक्रम के विशेष अतिथि रहे
श्री वल्लभ अम्बर, आशा जाकड, जनार्दन सिंह, शिवपूजन पाण्डेय, पन्ना लाल शर्मा।


सभी के उद्बोधन देश प्रेम से भरे थे आज़ादी के ७५ साल में हमने क्या खोया क्या पाया पर प्रकाश अभिलाष शुक्ला ने डाला। सरस्वती वंदना वैष्णो खत्री ने करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया एवम आभार प्रकट अश्विन पाण्डेय ने किया।

साठ कवियों ने अपनी अपनी भावनायें देश के प्रति समर्पित की।
प्रस्तुत है कवियों की रचनाएं

आजादी का मतलब क्या ?
संघर्षों की आजादी को,
हमने यूं बदनाम किया।
राजनीति को सिर पे चढ़ा,
कर हमने ओछा काम किया।
आजादी का मतलब क्या,
गाली की अभिव्यक्ति है।
आजादी का मतलब क्या,
पाक की अंधभक्ति है।
आजादी का मतलब क्या,
जेएनयू के प्यारे हैं।
आजादी का मतलब,
क्या देशद्रोह के नारे हैं।
आजादी का मतलब क्या,
पाकपरस्ती होना है।
आजादी का मतलब क्या,
कश्मीर को खोना है।
आजादी का मतलब क्या,
कश्मीर के पत्थर हैं।
आजादी का मतलब क्या,
विस्फोटों के उत्तर हैं।
आजादी का मतलब क्या,
शिशुओं की सिसकारी है।
आजादी का मतलब,
क्या बच्चों की बेगारी है।
आजादी का मतलब क्या,
तुष्टिकरण की नीति है।
आजादी का मतलब क्या,
एक जाति-वर्ग से प्रीति है।
आजादी का मतलब,
गांधी का एक सपना है।
आजादी का मतलब,
ये प्यारा भारत अपना है।
आजादी का मतलब,
शास्त्री की खुद्दारी है।
आजादी का मतलब,
कलाम की ईमानदारी है।
आजादी का मतलब,
नेहरू का नेतृत्व है।
आजादी का मतलब,
वल्लभभाई का व्यक्तित्व है।
आजादी का मतलब,
वीर सुभाष का मान है।
आजादी का मतलब,
भगतसिंह का बलिदान है।
आओ हम सब मिलकर,
एक नया विचार करें।
सबको साथ में लेकर हम,
सपनों को साकार करें।
स्वस्थ और विकसित भारत,
का सपना सच करना होगा।
आजादी को अक्षुण्ण बनाने,
मिल-जुलकर रहना होगा।
– डॉ अलका पाण्डेय

हिम शिखरों से ऊंचे सपने
मन सागर से गहरा।
सूरज सा है तेज किन्तु
उस पर संयम का पहरा।
जाने कितने वीरों का बल
इन बाहों में ठहरा।
जिनके कारण ध्वजा तिरंगा
उच्च गगन में फहरा।
चमक उठीं चपला जैसी
समसीरों के भारत वंदन।
वीरों के भारत………
– डॉ कुँवर वीर सिंह मार्तण्ड

पुरखों की सतत संघर्ष बलिदान
त्याग तपस्या का है परिणाम
आज सांस ले रहे हम सब
इन ताजी आजाद हवाओं में
– ओम प्रकाश पाण्डेय

आज़ादी के हवन कुंड में
जिन्होंने शीश चढ़ाया है,
अपना तन-मन-धन देकर
हमें आज़ाद करवाया है,
यशगान हम उनका गाये
आओ स्वतंत्रता दिवस मनाये।
– तारा प्रजापत “प्रीत”जोधपुर (राज०)

हमने मनाया आज़ादी का उत्सव,
इस साल है अमृत महोत्सव,
आजादी के पचहत्तर साल पूरे हुए
कुछ हैं अधूरे सपने, कुछ पूरे हुए
– रानी अग्रवाल, मुंबई

दिलो जां से प्यारा है
तिरंगा हमारा ।।
आन बान शान है ये ।
देश का दुलारा ।।
– रविशंकर कोलते नागपुर

उन्नति विकास की राह अपनाई है।
जय जवान, जय किसान, देश परीचाई है।
इन्फ्रा, उद्योग, का जगमग प्रकाश है।
कोविड़ हरा दिया वैक्सीन प्रयास है।
– श्रीवल्लभ अम्बर

लाल किले की चोटी पर जब ये झन्डा लहराता है
गर्व का भाव उपजता मन मे हर दिल को हरषाता है।
इसी तीरंगे की खातिर कितनो ने दिया।
तन मन धन सब इस पर कितनो ने ही वार दिया।
– बृजकिशोरी त्रिपाठी, गोरखपुर यू.पी

तेल, सोना या हो तकनीकी सामान
हम निर्भर है दूसरे देशों पर
शिक्षा और भाषा भी हम अपनी
अपनाने मे करते है शर्म
बचा नही रहे हम
पर्यावरण और अपनी संस्कृति
कैसे कहे हम आजाद है
– चन्दा डांगी, रेकी ग्रैंडमास्टर
रामटेकरी मंदसौर मध्यप्रदेश

आओ हम सब मिलकर आजादी
का अमृत महोत्सव मनाए।
जन गण मन सब मिलकर
राष्ट्रीय चेतना की अलख जगाए।।
भारत भूमि के स्वर्ण पताकाए
हम सब मिलकर हिंदू राष्ट्र बनाएं।।
जहां गीता कुरान बाइबल की
गौरव गाथा सब को सुनाएं।।
-विजयेन्द्र मोहन।

“भारत की माटी है
स्नेहिल परिपाटी है
आओ मिल हम गले लगाएं
मंत्र एकता का दोहराएं।।”
– डॉ बृजेन्द्र नारायण द्विवेदी

सलाम उन शहीदों को
जिसने हम सारे भारतीयों को गुलामी से आजाद किया।
सलाम उन शहीदों को
जिन्होंने हम सारे भारतीयों को सुख शांति समृद्धि से
हरा-भरा देश दिया।
सलाम उन शहीदों को जिन्होंने अपनी जान की भी परवाह न करके हमें भय रहित जिंदगी थी।
– ऐश्वर्या कापरे जोशी

पन्द्रह अगस्त देश की शान है
यह मेरे देश का अभिमान है
निरन्तर विश्व में गतिमान है
यह तिरंगा हमारी पहचान है
– वीना अचतानी, जोधपुर

उठो जवानों उठो दीवानों
हम पर भारत की रक्षा का कर्ज है
तीन रंग तिरंगा प्यारा
उसको हम ना झुकने देंगे
उसकी आन बान पर
हम जान अपनी लुटा देंगे
– नीरजा ठाकुर नीरपलावा डोम्बिवली

ऑनलाइन कार्यक्रम में प्रतिभागी कवि राम राय, अभिलाष शुक्ला, पन्ना लाल शर्मा, आशा जाकड, जनार्दन सिंह, श्रीवल्लभ अंबर, अलका पांडेय, रविशंकर कोलते, रजनी अग्रवाल, नीरजा ठाकुर , सुरेन्द्र हरड़ें, शोभारानी तिवारी, चंदा डांगी, वीना अचतानी, डॉ अंजुल कंसल, पूनम शर्मा, हेमा जैन, रजनी वर्मा, डॉ मीना कुमारी परिहार, रानी अग्रवाल, ब्रज किशोरी त्रिपाठी, डा. महताब अहमद आज़ाद, सुषमा शुक्ला, सुनीता अग्रवाल, अंकिता सिन्हा, पदमा तिवारी, विजयेन्द्र मोहन, स्नेहलता पाण्डेय ‘स्नेह, पुष्पा गुप्ता, अनीता झा, वैष्णो खत्री वेदिका, सरोज दुगड, पद्माक्षि शुक्ल, स्मिता धिरासरिया, रागिनी मित्तल, कुमकुम वेद सेन, रानी नारंग, मुन्नी गर्ग, लीला कृपलानी, कुमारी चन्दा देवी, डाॅ. सरोजा मेटी लोडाय, रामेश्वर प्रसाद गुपता, सीमा निगम, डॉ कुंवर वीर सिंह मार्तण्ड, वीना आडवानी “तन्वी”, रजनी अग्रवाल, निहारिका झा, हिरा सिंह कौशल, तारा प्रजापत “प्रीत”, ओम प्रकाश पाण्डेय, डॉ रश्मि शुक्ला, शुभा शुक्ला, ऐश्वर्या कापरे जोशी, जनार्दन शर्मा, अंजली तिवारी,उपेन्द्र अजनवी रहे।

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